वाराणसी में निःशुल्क मेगा ENT कैंप का आयोजन सत्कृति हॉस्पिटल, लंका द्वारा रविवार, 27 सितंबर 2026 को किया जा रहा है। यह शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा और इसमें कान, नाक, गले की जाँच, कॉक्लियर इंप्लांट स्क्रीनिंग तथा रक्त शर्करा की जाँच निःशुल्क उपलब्ध रहेगी।
यह आयोजन विश्व बधिर दिवस के अवसर पर हो रहा है, जो प्रत्येक वर्ष सितंबर के अंतिम रविवार को मनाया जाता है। अस्पताल के लिए यह केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उस दीर्घकालिक संकल्प का हिस्सा है जिसे संस्थान वर्ष 2012 से आगे बढ़ा रहा है।
शिविर की घोषणा और मुख्य विवरण
- तारीख: रविवार, 27 सितंबर 2026
- समय: सुबह 10:00 से दोपहर 2:00 बजे तक
- स्थान: सत्कृति हॉस्पिटल, बी 32/28 बी-19, संकट मोचन, लंका, वाराणसी 221005
- शुल्क: निःशुल्क परामर्श एवं जाँच
- पंजीकरण: 8765848001 या 9454219800
शिविर में अस्पताल के वरिष्ठ ENT विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे। चूँकि आयोजन केवल चार घंटे का है, इसलिए पूर्व पंजीकरण कराने वालों को प्राथमिकता और निर्धारित समय दिया जाएगा।
पूर्वांचल के लिए यह आयोजन क्यों महत्वपूर्ण है
वाराणसी और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में मरीज विशेषज्ञ इलाज के लिए शहर आते हैं। चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, भदोही, मिर्जापुर और बलिया जैसे क्षेत्रों में ENT की विशेषज्ञ सेवाएँ सीमित हैं, और सुनने की जाँच की सुविधा तो और भी कम जगहों पर उपलब्ध है।
इसका सीधा असर यह होता है कि मरीज तब पहुँचता है जब समस्या पुरानी हो चुकी होती है। कान का लंबे समय तक बहना, पर्दे का छेद बड़ा हो जाना और सुनने की क्षमता का स्थायी नुकसान, ये सब ऐसी स्थितियाँ हैं जिन्हें शुरुआती जाँच से रोका जा सकता था। निःशुल्क शिविर इस दूरी को कम करने का एक व्यावहारिक तरीका है, क्योंकि इसमें खर्च और झिझक दोनों बाधाएँ हट जाती हैं।
शिविर में उपलब्ध सुविधाएँ
आयोजन को तीन हिस्सों में बाँटा गया है, ताकि एक ही दिन में अधिक से अधिक लोगों की जाँच हो सके।
1. ENT परामर्श एवं जाँच
विशेषज्ञ द्वारा कान, नाक और गले की जाँच की जाएगी। इसमें ओटोस्कोप से पर्दे की स्थिति देखना, नाक की बंदी एवं साइनस की शिकायत का परीक्षण तथा टॉन्सिल और गले की जाँच शामिल है। कान के इलाज, नाक एवं साइनस के इलाज और गले के इलाज से जुड़ी सेवाएँ अस्पताल में नियमित रूप से उपलब्ध हैं।
2. सुनने की जाँच एवं कॉक्लियर इंप्लांट स्क्रीनिंग
प्योर टोन ऑडियोमेट्री के माध्यम से सुनने की क्षमता मापी जाएगी। आवश्यकता होने पर इम्पीडेंस ऑडियोमेट्री, OAE और BERA जैसी जाँचें भी की जा सकती हैं। जिन बच्चों में गंभीर स्तर की कमी मिलेगी, उनके अभिभावकों को कॉक्लियर इंप्लांट की प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी।
3. मधुमेह जाँच
रक्त शर्करा की जाँच, रक्तचाप का परीक्षण तथा आहार संबंधी परामर्श शिविर का तीसरा हिस्सा है। अस्पताल में डायबिटीज देखभाल के लिए अलग विभाग संचालित होता है।
बधिरता मुक्त भारत 2047 का संकल्प
सत्कृति हॉस्पिटल का घोषित लक्ष्य वर्ष 2047 तक बधिरता मुक्त भारत है। यह एक बड़ा लक्ष्य है, और इसे केवल अस्पताल की चारदीवारी के भीतर बैठकर हासिल नहीं किया जा सकता।
इस दिशा में सबसे व्यावहारिक कदम जल्दी पहचान है। यदि किसी बच्चे की सुनने की कमी दो या तीन वर्ष की उम्र में पकड़ में आ जाए, तो उसकी भाषा और पढ़ाई सामान्य दिशा में आगे बढ़ सकती है। वही कमी यदि सात या आठ वर्ष की उम्र में पता चले, तो नुकसान की भरपाई कठिन हो जाती है। शिविर का उद्देश्य इसी समय अंतर को कम करना है।
सरकारी योजनाओं की भूमिका
निःशुल्क जाँच के बाद यदि इलाज की आवश्यकता निकलती है, तो सरकारी योजनाएँ खर्च की चिंता को काफी हद तक दूर कर देती हैं।
ADIP भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की योजना है, जिसके अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के गंभीर रूप से बधिर बच्चों को कॉक्लियर इंप्लांट की सुविधा मिलती है। दूसरी ओर, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को ENT सर्जरी के लिए कैशलेस उपचार उपलब्ध है, जिसमें कान, नाक, साइनस, गले तथा टॉन्सिल से जुड़ी प्रक्रियाएँ शामिल हैं।
शिविर के दिन इन दोनों योजनाओं की पात्रता की जाँच मौके पर ही कराई जा सकती है। इसके लिए आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड साथ लाना उपयोगी रहेगा।
सत्कृति हॉस्पिटल की सामाजिक सेवा परंपरा
अस्पताल की स्थापना वर्ष 2012 में डॉ. मनोज कुमार गुप्ता द्वारा की गई थी। सत्कृति नाम हिंदी के शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है उत्तम कार्य, और यही संस्थान का मूल भाव रहा है।
अस्पताल NABH से मान्यता प्राप्त है। NABH भारत सरकार द्वारा स्थापित वह संस्था है जो अस्पतालों को रोगी सुरक्षा और गुणवत्ता के छह सौ से अधिक मानकों पर परखती है। इसके अलावा संस्थान समय समय पर वाराणसी और आसपास के जिलों में निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित करता रहा है, जिनमें मधुमेह जाँच शिविर और बच्चों के लिए कॉक्लियर इंप्लांट स्क्रीनिंग शिविर शामिल हैं।
शिविर में उपलब्ध रहने वाले ENT विशेषज्ञों में डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. अभिनीत जैन और डॉ. अंकित ओझा शामिल हैं।
शिविर के दिन की प्रक्रिया
शिविर को व्यवस्थित रखने के लिए पूरी प्रक्रिया चरणों में बाँटी गई है, जिससे भीड़ कम हो और हर व्यक्ति को पर्याप्त समय मिले।
- पंजीकरण डेस्क पर नाम दर्ज कराना और पर्ची लेना
- ENT विशेषज्ञ द्वारा परामर्श एवं कान, नाक, गले की जाँच
- आवश्यकता होने पर सुनने की जाँच अथवा रक्त शर्करा की जाँच
- रिपोर्ट पर विशेषज्ञ की राय और आगे की सलाह
- जिन्हें आगे इलाज चाहिए, उनके लिए योजना एवं पात्रता की जानकारी
जिन मरीजों में कोई असामान्य स्थिति मिलेगी, उन्हें उसी दिन आगे की जाँच के लिए तारीख दे दी जाएगी। अनुभव बताता है कि बाद में फोन करने की तुलना में हाथ में तारीख होने पर लोग फॉलो-अप के लिए कहीं अधिक आते हैं।
निःशुल्क शिविर उन लोगों तक पहुँचते हैं जो ओपीडी तक नहीं आते
अस्पताल की नियमित ओपीडी में वही व्यक्ति आता है जिसे तकलीफ असहनीय हो चुकी हो। हल्की कमी, शुरुआती संक्रमण या बिना दर्द वाली समस्या के लिए अधिकतर लोग समय और पैसा खर्च करना उचित नहीं समझते।
शिविर इस सोच को बदल देता है। जब जाँच निःशुल्क हो और एक ही दिन में पूरी हो जाए, तो वे परिवार भी आते हैं जो वर्षों से टाल रहे थे। यही कारण है कि शिविरों में अक्सर ऐसी समस्याएँ पहली बार पकड़ में आती हैं जिनका मरीज को अंदाजा भी नहीं था।
पंजीकरण और संपर्क
पंजीकरण के लिए 8765848001 या 9454219800 पर कॉल किया जा सकता है। फोन पर नाम, मोबाइल नंबर और जाँच का प्रकार बताना होगा। शिविर के दिन आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पहले की कोई जाँच रिपोर्ट साथ लाना उपयोगी रहेगा। अस्पताल तक पहुँचने का मार्ग जानने के लिए संपर्क पृष्ठ देखा जा सकता है।
शिविर के दिन ये चीजें साथ लाना उपयोगी रहेगा:
- आधार कार्ड
- आयुष्मान कार्ड, यदि उपलब्ध हो
- पहले की कोई जाँच रिपोर्ट अथवा ऑडियोमेट्री रिपोर्ट
- वर्तमान में चल रही दवाओं का पर्चा
- बच्चों के मामले में उनका टीकाकरण कार्ड
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या शिविर में आने के लिए कोई शुल्क देना होगा?
नहीं। शिविर में परामर्श और जाँच निःशुल्क हैं। यदि आगे इलाज या सर्जरी की आवश्यकता निकलती है, तो पात्र परिवारों के लिए आयुष्मान भारत के अंतर्गत कैशलेस विकल्प उपलब्ध रहेगा।
क्या शिविर केवल वाराणसी के निवासियों के लिए है?
नहीं। आसपास के जिलों से आने वाले लोग भी शामिल हो सकते हैं। कोई क्षेत्रीय बाध्यता नहीं है।
क्या कॉक्लियर इंप्लांट की सर्जरी शिविर के दिन ही होगी?
नहीं। शिविर में केवल स्क्रीनिंग और जाँच होती है। इंप्लांट से पहले विस्तृत जाँच, पात्रता की पुष्टि और योजना बनाई जाती है, जो अलग से की जाती है।
बुजुर्गों के लिए भी शिविर उपयोगी है?
हाँ। उम्र के साथ सुनने की क्षमता कम होना आम है, लेकिन इसे स्वाभाविक मानकर छोड़ देना ठीक नहीं। जाँच से यह पता चलता है कि कमी किस स्तर की है और हियरिंग एड से लाभ मिलेगा या नहीं।
क्या शिविर में सभी प्रकार की ENT समस्याएँ देखी जाएँगी?
कान, नाक और गले से जुड़ी सामान्य शिकायतें शिविर में देखी जाएँगी। जिन मामलों में विस्तृत जाँच की आवश्यकता होगी, उन्हें अस्पताल की नियमित ओपीडी में आगे की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
निष्कर्ष
27 सितंबर का यह शिविर उन परिवारों के लिए है जो जाँच को लगातार टालते आ रहे हैं। कान की समस्या हो, सुनने में कठिनाई हो, या शुगर की जाँच वर्षों से न हुई हो, एक दिन का समय निकालकर यह जाँच करा लेना आगे के वर्षों की परेशानी से बचा सकता है।
पंजीकरण के लिए 8765848001 पर संपर्क करें या ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें।
